संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, एआई में 1.4 बिलियन डॉलर के निवेश के साथ भारत 10वें स्थान पर है। 2023 में, भारत और चीन एआई में महत्वपूर्ण निजी निवेश करने वाले एकमात्र विकासशील देश होंगे।
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास (यूएनसीटीएडी) द्वारा जारी 2025 प्रौद्योगिकी एवं नवाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2024 में ‘ रेडीनेस फॉर फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज’
अग्रणी प्रौद्योगिकियों को अपनाने की तत्परता के मामले में भारत को 170 देशों में से 36वां स्थान दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
इस रैंकिंग में वे देश शामिल हैं जो नई और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को अपनाने की इच्छा प्रदर्शित करते हैं।
सूचकांक में आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) निवेश , कौशल , अनुसंधान और विकास गतिविधि , औद्योगिक क्षमता और वित्तीय पहुंच के संकेतक शामिल हैं ।
भारत आईसीटी में 99वें , अनुसंधान एवं विकास में तीसरे , औद्योगिक क्षमता में 10वें तथा वित्त में 70वें स्थान पर है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव संसाधन के मामले में भूटान , भारत , मोरक्को , मोल्दोवा गणराज्य और तिमोर-लेस्ते की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई में निवेश के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। 2023 में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एआई में 67 बिलियन डॉलर का निवेश किया। यह राशि विश्व में एआई के क्षेत्र में किये गये निवेश का 70 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के अनुसार, एकमात्र विकासशील देश चीन 7.8 बिलियन डॉलर के महत्वपूर्ण निवेश के साथ दूसरे स्थान पर है, तथा भारत 1.4 बिलियन डॉलर के निवेश के साथ 10वें स्थान पर है।
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