ऐसे होती है यहां बैंक से जुड़ी प्रक्रियाएं
यहां सैकड़ों की संख्या में पोटलियां हैं, लेकिन उनमें रुपए नहीं हैं बल्कि राम नाम से लिखे कागजात हैं। इनकी संख्या अरबों से ऊपर हो चुकी है, इस बैंक में बकायदा कर्मचारी भी हैं, जो आने वाले लोगों को खाता खुलवाने से लेकर दूसरी प्रक्रियाओं को पूरा करते हैं। बैंक में उपभोक्ताओं के लिए फॉर्म भी है, जिसे भरना जरूरी है। इससे आपका बैंक में प्रवेश होता है। फर्म में पूरे नियम लिखे हुए हैं, जिसमें रामभक्त का नाम और पता है, साथ व्यक्ति के राम नाम के कर्ज का कारण भी भरना पड़ता है, साथ में मन्नत लिखनी पड़ती है।
ऑस्ट्रेलिया व कनाडा से भी हैं सदस्यराम रमापति बैंक के 10 फीसदी सदस्य विदेशी भी हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, दुबई आदि देशों के भी सदस्य यहां आते हैं। इसके अलावा नेपाल, सिंगापुर, इंग्लैंड, अमेरिका आदि देशों से भी लोग यहां के सदस्य हैं।
राम नाम लिखने के नियम

भरे गए शपथ पत्र के मुताबिक, कर्ज लेने वाले श्रद्धालु को 8 महीने 10 दिन तक लगातार 500 रामनाम लिखना पड़ता है, इस तरह 250 दिनों में सवा लाख बार राम नाम लिख पाएंगे। इस दौरान भक्तों को केवल सात्विक भोजन ही करना होता है। मांस-मदिरा का सेवन निषेध होता है, किसी की मृत्यु और बच्चे के जन्म के समय का खाना नहीं खाना होता। झूठा खाना नहीं खाना है। इन सभी चीजों का परहेज करते हुए आपको रामनाम लिखना होता है। कागज, पेन सबकुछ बैंक की ओर से फ्री कॉस्ट दिया जाता है। स्नान करने के बाद ही आपको राम नाम लिखना है, उसके बाद अपने नॉर्मल रूटीन में जा सकते हैं। जैसे ही 8 महीने 10 दिन पूरे हो जाते हैं, वैसे ही विधिवत पूजा कर राम नाम बैंक में जमा कर दिया जाता है।
अब तक आ चुकी हैं इतनी राम नामावली बैंक में कर्ज के रूप में सवा लाख जय श्री राम का कर्ज दिया जाता है, जिसे आपको यानी राम भक्त को नियम के मुताबिक भरना होता है। इसके लिए बैंक भक्त को राम बुक से लेकर कलम देती है। इस बुक को ब्रह्म मुहूर्त में बिना मास-मदिरा के सेवन के साथ भरना होता है, ऐसा करने से राम नाम के कर्ज को पूरा कर बैंक में वापस जमा करने से ब्याज के रूप में मनोकामना पूरी होती है। बैंक में अभी तक 19 अरब 39 करोड़ 59 लाख 25 हजार से भी ज्यादा राम नामावली जमा हो चुकी है। यहां राम भक्त हर साल राम नवमी को अपना खाता खुलवाने के लिए पहुंचते हैं।
राम रमापति बैंक, वाराणसी कैसे पहुंचे?
पता: D 5/35, त्रिपुरा भैरवी, दशाश्वमेध, वाराणसी – 221001कैसे पहुंचे:वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से (लगभग 4 किमी)ऑटो या टैक्सी से: सीधे दशाश्वमेध घाट के लिए ऑटो या टैक्सी लें। वहां से त्रिपुरा भैरवी इलाके की ओर पैदल चलें।पब्लिक ट्रांसपोर्ट से: गोडौलिया या दशाश्वमेध घाट के लिए लोकल बस लें। वहां से त्रिपुरा भैरवी की ओर पैदल जाएं।लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से (लगभग 25 किमी)टैक्सी से: सीधे दशाश्वमेध घाट के लिए टैक्सी बुक करें। वहां से त्रिपुरा भैरवी की ओर पैदल जाएं।पब्लिक ट्रांसपोर्ट से: एयरपोर्ट से बस या कैब लेकर वाराणसी जंक्शन आएं और फिर ऊपर बताए गए रास्ते से आगे बढ़ें।लैंडमार्क:दशाश्वमेध घाट: बैंक के पास स्थित है।काशी विश्वनाथ मंदिर: ये भी पास है, जिससे रास्ता पहचानने में आसानी होगी।नोट: ये बैंक वाराणसी की संकरी गलियों में स्थित है, इसलिए दशाश्वमेध घाट या काशी विश्वनाथ मंदिर के पास पहुंचकर पैदल जाना सबसे सही रहेगा।
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