तरुण जैन, रेवाड़ी: जामनगर में भारतीय वायुसेना का एक जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश होने से रेवाड़ी के फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गए। सिद्धार्थ की 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी और 31 मार्च को वह ड्यूटी पर लौटे थे। सिद्धार्थ का परिवार रेवाड़ी के सेक्टर-18 में रहता है। सिद्धार्थ की शादी की तैयारियां चल रहीं थी। उनके विवाह की तिथि दो नवंबर तय की गई थी। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात सिद्धार्थ जगुआर फाइटर प्लेन लेकर निकले थे, उनके साथी मनोज भी सवार थे। तकनीकी खामी आने पर सिद्धार्थ ने प्लेन को आबादी एरिया से बाहर लैंड करने की कोशिश की। जामनगर शहर से 12 किलोमीटर दूर खाली मैदान में उन्होंने प्लेन लैंड करने की कोशिश की लेकिन वो क्रैश हो गया और सिद्धार्थ शहीद हो गए। साथी मनोज भी गंभीर घायल हो गए, उन्हें नजदीक के गांव के लोगों ने अस्पताल भिजवाया। पिता और परदादा भी रहे एयरफोर्स मेंसिद्धार्थ के मामा के बेटे सचिन यादव बताते हैं कि सिद्धार्थ ने 2016 में एनडीए की परीक्षा पास कर तीन साल की ट्रैनिंग ली थी। दो साल बाद वे फ्लाइट लेफ्टिनेंट बन गए। सचिन बताते हैं कि सिद्धार्थ के पिता सुशील यादव और परदादा भी वायुसेना में सेवा दे चुके हैं। उनके दादा ने अर्धसैनिक बल में सेवा दी थी। परिवार रेवाड़ी के भालखी माजरा का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सिद्धार्थ की पार्थिव देह रेवाड़ी लाई जा सकती है। परिजनों के अनुसार पैतृक गांव भालखी माजरा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शादी की तैयारियों में जुटा था परिवारपिता वर्तमान में एयरफोर्स से रिटायरमेंट के बाद एलआईसी में नौकरी कर रहे हैं। वहीं 23 मार्च को सगाई के बाद पूरा परिवार बेटे सिदार्थ यादव की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन दो अपै्रल की रात अनहोनी सूचना आई और परिवार सहित पूरा रेवाड़ी गम में डूब गया।
You may also like
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आपदा प्रबन्धन विभाग की समीक्षा की
राज्य के प्रथम इन्टेंसिव केयर शैल्टर में भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी से मुक्त बच्चे सीख रहे, आखर ज्ञान
इंदौरः बुजुर्ग ने पत्नी को कैंची मारकर की पत्नी की हत्या, फिर चौथी मंजिल से कूदकर दी जान
इंदौर नगर निगम का आठ हजार करोड़ रुपये का बजट पास, 10 घंटे चली चर्चा
भाषा और साहित्य को समझने में मददगार साबित होगी अन हेअरड मेलोडीज : डॉ० सर्वेश