राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने राज्य सेवा के 21 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और अभियोजन स्वीकृति को मंजूरी दी। इनमें से 18 प्रकरण पहले से विचाराधीन थे, जिनका त्वरित निस्तारण किया गया।
भ्रष्टाचार विरोधी सख्त कदम
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत पांच मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी की। इसके अलावा, चार अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच और अनुसंधान की पूर्वानुमति प्रदान की गई।
सेवानिवृत्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार, सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के पुराने मामलों की समीक्षा की और चार अधिकारियों की पेंशन रोकने का आदेश दिया। इनमें से दो मामलों में शत-प्रतिशत पेंशन रोकी गई। वहीं, वर्तमान सेवा में कार्यरत सात अधिकारियों की वेतन वृद्धियां रोकने का निर्णय लिया गया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। पिछले महीने भी सरकार ने 13 मामलों का निस्तारण किया था। सरकार का यह सख्त कदम भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ उठ रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
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