किसी भी महिला के लिए मां बनना दुनिया का सबसे सुखद पल होता है। प्रेगनेंसी के समय में महिलाओं का विशेष रुप से ध्यान रखा जाता है, ताकि मां बच्चा दोनों ही स्वस्थ हो सके। डिलीवरी के समय महिला को मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जाती है, लेकिन महाराष्ट्र के नागपुर से दिल को दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। जी हां, डिलीवरी के वक्त महिलाओं को असहनीय पीड़ा होती है, लेकिन ऐसे मौके पर महाराष्ट्र के नागपुर में एक महिला को अस्पताल में अकेला छोड़ दिया गया, जिससे मानवता शर्मसार हुई। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?
नागपुर में एक महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल गई, लेकिन वहां जब उसे लेबर पेन होने लगा, तो उसके आसपास कोई मौजूद नहीं रहा। परिणामस्वरुप महिला को अपनी डिलीवरी खुद ही करनी पड़ी। असहनीय पीड़ा झेल रही महिला ने जैसे तैसे अपने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन अस्पताल का कोई शख्स महिला के आसपास नहीं भटका। डिलीवरी के बाद महिला ने मीडिया से बातचीत में अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि मेरी मदद के लिए अस्पताल से कोई नहीं आया, जिसकी वजह से मुझे खुद ही अपनी डिलीवरी करनी पड़ी। बता दें कि महिला सुकेश्नी दक्षिण नागपुर के हुदकेश्वर की रहने वाली हैं।
महिला ने खुद ही की डिलीवरीमहिला ने मीडिया से बताया कि सोमवार को शाम को जब उसे लेबर पेन हुआ तो उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जिसके बाद बेड न होने की वजह से उसे नीचे ही लिटा दिया गया। पेन कम होने के बाद डॉक्टर वहां से बाहर निकल आए और फिर जब उसे आधी रात को दोबारा लेबर पेन होने लगा, तो वह मदद के लिए गुहार लगाती रही, लेकिन कोई सामने नहीं आया, जिसके बाद महिला ने असहनीय पीड़ा को झेलते हुए खुद ही अपनी डिलीवरी की। यह पूरा मामला मानवता को शर्मसार करता है।
परिजनों ने की थी अस्पताल में शिकायतमहिला का कहना है कि जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो उसे जमीन पर ही लिटा दिया गया, जिसके बाद उसके साथ मौजूद परिजनों ने अस्पताल में शिकायत की, तब जाकर उसे एक बेड मिला, लेकिन फिर भी कोई डॉक्टर या नर्स रात में उसकी मदद करने के लिए वापस नहीं आया, जिसे अस्पताल की लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि भारत सरकार ने किसी भी सरकारी अस्पताल में महिला की डिलीवरी मुफ्त व सुविधाओं के साथ कराने का आदेश दिया है।
अस्पताल पर लगा लापरवाही का आरोप
महिला के पति ने अस्पताल प्रशासन में शिकायत की है, जिसमें उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला के पति की शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय कमेटी की जांच बैठाई है, जिसके बाद ही मामले की कार्रवाई होगा। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दिलासा भी दिलाया है, लेकिन इस तरह की लापरवाही से मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता था। बता दें कि इस तरह के मामले में अस्पताल के डॉक्टर समेत नर्स पर कार्रवाई करने का प्रावधान है।
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