Next Story
Newszop

पीयूष गोयल के बयान के बाद भारतीय स्टार्टअप्स को लेकर छिड़ी बहस, क्या है पूरा मामला?

Send Push
Getty Images केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का स्टार्टअप्स पर दिया गया एक बयान चर्चा में है

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक बयान काफी चर्चा में है.

शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 'स्टार्टअप महाकुंभ 2025' के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स की तुलना चीन के स्टार्टअप्स से की थी.

पीयूष गोयल के इस बयान के बाद भारत के कुछ प्रमुख स्टार्टअप्स के सीईओ, उद्यमियों और कांग्रेस ने उनकी आलोचना की.

कांग्रेस ने पीयूष गोयल के बयान की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को भी निशाने पर लिया. कांग्रेस ने वाणिज्य मंत्री के बयान के बाद कहा, "पीयूष गोयल खुद ही स्टार्टअप पर मोदी सरकार की पोल खोल रहे हैं."

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने क्या कहा था? image Getty Images पीयूष गोयल के भारतीय स्टार्टअप्स पर दिए बयान से विवाद

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 3 अप्रैल से स्टार्टअप महाकुंभ का आयोजन हुआ. इसमें एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा था कि भारतीय स्टार्टअप्स का ध्यान फूड डिलीवरी एप्स की तरफ ज़्यादा है.

उन्होंने कहा था, "भारत के स्टार्टअप्स आज के दौर में क्या कर रहे हैं? हमारा ध्यान फूड डिलीवरी एप्स की तरफ ज़्यादा है. हम बेरोजगार नौजवानों को सस्ते लेबर में बदल रहे हैं ताकि अमीर लोगों को बिना घर से बाहर निकले खाना मिल सके."

उन्होंने कहा, "अगर आप देखें तो चीन के स्टार्टअप क्या कर रहे हैं. वो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैट्री टेक्नोलॉजी को विकसित करने पर काम रहे हैं. जिसके चलते आज चीन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ईकोसिस्टम क्षेत्र में बहुत आगे है."

पीयूष गोयल ने कहा, "भारत ने अब तक जो किया है, मुझे उस पर गर्व है. पर क्या हम अभी दुनिया में सबसे बेहतर हैं. नहीं अभी नहीं हैं. क्या हमें सबसे बेहतर बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए या फिर हम डिलीवरी बॉय और गर्ल बनकर खुश रहने वाले हैं."

वाणिज्य मंत्री ने कहा, "लोग फैंसी आइसक्रीम और कूकीज़ बेच रहे हैं. हेल्दी आइसक्रीम, ज़ीरो ग्लूटन फ्री और यह विगन है. ये सब शब्द लगाकर अच्छी पैकेजिंग करके अपने आपको स्टार्टअप बोलते हैं. यह स्टार्टअप नहीं है. यह व्यवसाय है."

पीयूष गोयल ने कहा, "दूसरी तरफ़ सेमी कंडक्टर्स में ग्रोथ हो रही है. खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाई जा रही है. वह आत्मनिर्भर बनने के लिए भारी निवेश कर रहे हैं. चिप्स और एआई मॉडल्स तैयार कर रहे हैं. जो देश को भविष्य के लिए तैयार करेगा."

उन्होंने कहा, "भारत को क्या करना है आइसक्रीम बनानी है या चिप्स बनानी है. इसके लिए हमें हिम्मत दिखानी होगी."

image BBC बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए करें भारतीय स्टार्टअप्स के सीईओ और उद्यमियों ने क्या कहा? image Getty Images भारत के कुछ प्रमुख स्टार्टअप के सीईओ ने मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का बयान सामने के आने के बाद उन्हें कई भारतीय स्टार्टअप कंपनियों के मालिकों और उद्यमियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है.

'भारत-पे' के फ़ाउंडर रहे अशनीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म , "अगर भारत में किसी को रियलिटी चेक की ज़रूरत है तो वह भारत के राजनेताओं को है. उनके अलावा हर कोई वास्तविकता में जी रहा है."

अशनीर ने कहा, "चीन ने भी शुरू में फूड डिलीवरी एप बनाए बाद में वे एआई टेक की तरफ आगे बढ़े. चीन ने जो किया उससे प्रेरित होना अच्छा है. लोगों के लिए नौकरियां पैदा करने वालों की आलोचना करने से पहले राजनेताओं को भी अगले 20 वर्षों तक 10% से अधिक आर्थिक विकास दर से आगे बढ़ने की आकांक्षा करनी चाहिए."

क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'ज़ेप्टो' के सीईओ आदित पालिचा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स , "भारत में उपभोक्ता स्टार्टअप्स की आलोचना करना आसान है. खासतौर से जब आप उनकी तुलना चीन और अमेरिका से कर रहे हों."

उन्होंने कहा, "अगर ज़ेप्टो की बात करें तो इसके जरिए आज भारत में लगभग 1.5 लाख लोग आजीविका कमा रहे हैं. एक ऐसी कंपनी जो सिर्फ़ साढ़े तीन साल पहले अस्तित्व में आई. सरकार को मिलने वाले कर में हर साल हज़ार करोड़ रुपये से ज्यादा का सहयोग कर रही है."

आदित ने कहा, "भारत के पास अपना एक बड़ा आधारभूत एआई मॉडल नहीं है क्योंकि हमने अभी तक बेहतरीन इंटरनेट कंपनियां नहीं बनाई हैं."

शादी डॉट कॉम के फ़ाउंडर अनुपम मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म , "पिछले कुछ महीनों में कुछ ऐसी डीप टेक कंपनियों से मिला हूं जिन्होंने मुझे चौंका दिया है. एआई, स्पेस टेक से लेकर मेटिरियल साइंस तक भारत के उद्यमी दुनिया को चुनौती देने के लिए तैयार हैं लेकिन विकास और व्यवसायीकरण के लिए तंत्र की कमी है. फाउंडर ज़्यादातर काम कर सकते हैं लेकिन सब कुछ नहीं."

हालांकि, ओला कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म , "मैं पीयूष गोयल जी के बयान से सहमत हूं. स्टार्टअप समुदाय को आत्मचिंतन करना चाहिए कि हम कंज्यूमर टेक कंपनी ही क्यों बना रहे हैं."

उन्होंने कहा, "उद्यमियों को इस पर सोचने की ज़रूरत है. लाइफ़स्टाइल से जुड़े एप बनाने के बजाए उन्हें नवाचार और भविष्य की तकनीक पर काम करना चाहिए. जैसे कि उन्हें रॉकेट्स, एआई ड्रग्स, ईयूवी मशीन आदि बनाने पर ध्यान देना चाहिए."

कांग्रेस ने क्या कहा? image Getty Images पीयूष गोयल के बयान पर कांग्रेस ने कहा है कि स्टार्टअप पर मोदी सरकार की पोल खुल रही है

कांग्रेस ने पीयूष गोयल के बयान का हवाला देते हुए बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पीयूष गोयल का वीडियो शेयर , "पीयूष गोयल खुद स्टार्टअप पर मोदी सरकार की पोल खोल रहे हैं. वो बता रहे हैं कि भारत स्टार्टअप के नाम पर सिर्फ़ फूड डिलीवरी एप बना रहा है, जिसमें बेरोजगार कम दिहाड़ी पर अमीरों को खाना पहुंचाने का काम कर रहे हैं."

कांग्रेस ने कहा, "चीन स्टार्टअप में नए आयाम छू रहा है. चीन- रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बैट्री टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, 3D मैन्युफैक्चरिंग पर काम कर रहा है. पीयूष गोयल साफ कहते हैं कि भारत जो कर रहा है वो स्टार्टअप नहीं है. चीन स्टार्टअप में बहुत आगे है."

इस पर पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया भी आई. कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने, "यह देश बढ़ रहा है, बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है. कुछ लोगों को उसमें बहुत तकलीफ़ और चिंता हो रही है."

उन्होंने कहा, "सिर्फ़ और सिर्फ़ कांग्रेस और उनके ईकोसिस्टम को मेरी कल की बात समझ नहीं आई. स्टार्टअप का ईकोसिस्टम अब बड़ी ऊंचाइयों पर जाएगा. मैं समझता हूं कि मैंने प्रेरित करने का प्रयास किया था. कुछ लोगों ने उसको विवादित बनाने का प्रयास किया. कांग्रेस वालों ने कभी स्टार्टअप ईकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने बारे में कभी सोचा भी नहीं था."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां कर सकते हैं. आप हमें , , और पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

image
Loving Newspoint? Download the app now