राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बीते 48 घंटों से बारिश का दौर थम गया है, जिससे किसानों और आम जनता को थोड़ी राहत मिली। लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून अब प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय हो रहा है और इन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों के 8 जिलों – सिरोही, झालावाड़, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, बूंदी, कोटा और चित्तौड़गढ़ – में तेज बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम के प्रति सतर्क रहें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले दो से तीन दिन तक दक्षिणी जिलों में तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान भारी वर्षा के कारण जलजमाव, सड़क पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
बुधवार को जयपुर, जोधपुर, भरतपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में अचानक आई बारिश से लोगों को राहत मिली, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जलभराव की भी समस्या देखने को मिली। जोधपुर में भी तेज बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया और यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने बताया कि आगामी 24 घंटे में दक्षिणी राजस्थान में कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। साथ ही, हवा में नमी की अधिकता और मानसूनी दबाव के कारण कई इलाकों में बिजली गिरने और तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की देखभाल में सावधानी बरतें। तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खरीफ फसल प्रभावित हो सकती है, इसलिए जरूरी है कि खेतों में जल निकासी का ध्यान रखा जाए और कमजोर फसलों की सुरक्षा की जाए।
सड़क परिवहन विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि बारिश के दौरान उच्च सतर्कता बरतें। कई जिलों में पुलों और नालों के पास गाड़ियाँ धीमी गति से चलाएँ और रात के समय यात्रा करने से बचें।
जनता में मानसून की सक्रियता को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। एक ओर बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं तेज बारिश और तूफानी हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में परेशानी भी बढ़ी है। लोग प्रशासन और मौसम विभाग से आग्रह कर रहे हैं कि समय पर सतर्कता और बचाव के उपाय अपनाए जाएँ।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की रफ्तार इस बार असामान्य रूप से दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ रही है। इसलिए अगले सप्ताह तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के अलग-अलग दौर जारी रहने की संभावना है।
इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव, सड़क सुरक्षा और आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।
राजस्थानवासियों के लिए यह समय सतर्कता का है। मानसून की सक्रियता से फसल, यातायात और सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और आवश्यक सावधानियाँ बरतना जरूरी है।
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