Next Story
Newszop

Sikar में जीणमाता मंदिर में बत्तीसी संघ और पुजारियों के बीच जमकर हुई झड़प, तीन घंटे तक बंद रहे मंदिर के पट

Send Push

जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ झींमाता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित लक्ष्मी मेले के दौरान कल देर रात बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मंदिर ट्रस्ट के पुजारियों और बतीसी संघ के श्रद्धालुओं के बीच विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके कारण हाथापाई और तोड़फोड़ की नौबत आ गई। विवाद इतना बढ़ गया कि प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा, फिर भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उसे काफी मशक्कत करनी पड़ी।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

32 गांवों के लोगों का धार्मिक संगठन बत्तीसी संघ हर साल चैत्र नवरात्रि के दौरान षष्ठी तिथि को जिनमाता मंदिर में पूजा-अर्चना करता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी बाईस संघ मंदिर पहुंचे। इससे पहले प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में सहमति बनी थी कि जब बतीसी संघ आएगा तो सिर्फ तीन पुजारी ही मौजूद रहेंगे, लेकिन जब संघ के लोग मंदिर पहुंचे तो तय संख्या से ज्यादा पुजारी मौजूद थे।

संघ के लोगों ने अतिरिक्त पुजारियों को हटाने की मांग की लेकिन पुजारी अपनी संख्या कम करने को तैयार नहीं हुए। प्रशासन ने जब स्पष्टीकरण दिया तो मंदिर ट्रस्ट के पुजारी और उनके समर्थक भड़क गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत हाथापाई की आ गई और प्रशासनिक अधिकारियों को भी हाथापाई का सामना करना पड़ा।

स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने कार्रवाई की।

स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए मंदिर ट्रस्ट के कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया, जिससे मंदिर ट्रस्ट नाराज हो गया और उसने मंदिर के कपाट बंद कर दिए। कपाट बंद होने के कारण दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान बतीसी संघ के सदस्य मंदिर के बाहर धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

अनुबंध प्रक्रिया

रात को विवाद बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए और दांता रामगढ़ एसडीएम मोनिका समोर ने बतीसी संघ के सदस्यों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। बाद में सीकर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा और पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक मंदिर बंद रहने के बाद आखिरकार प्रशासन और बतीसी संघ के हस्तक्षेप से मंदिर के कपाट पुनः खोले गए और दर्शन व्यवस्था सामान्य हो गई।

Loving Newspoint? Download the app now