बाड़मेर जिले में नशे के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। तस्करों और नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अब तक करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज कर दी है। वहीं, करीब 30 बड़े तस्करों को पुलिस ने अपनी निगरानी सूची में डाल रखा है।
जिले में नशे के बढ़ते कारोबार को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत न सिर्फ तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों को भी जब्त और फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य यह है कि नशे के धंधे से होने वाला आर्थिक लाभ पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
अब तक की कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने पिछले कुछ महीनों में कई बड़े तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार, अब तक दर्जनों बीघा कृषि भूमि, आलीशान मकान और महंगी गाड़ियाँ फ्रीज की जा चुकी हैं। कार्रवाई से जिले के नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
30 तस्करों पर खास नजर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिले में करीब 30 बड़े तस्कर ऐसे हैं, जिनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इन तस्करों के संपर्क नेटवर्क, फोन कॉल डिटेल्स और आर्थिक लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन तस्करों के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार की सख्ती और पुलिस की रणनीति
राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसी के तहत पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को पनपने न दिया जाए। बाड़मेर जिला पुलिस ने इस दिशा में कई विशेष अभियान चलाए हैं, जिसमें तस्करों की गिरफ्तारी से लेकर उनकी आर्थिक कमर तोड़ने तक के कदम शामिल हैं।
स्थानीय समाज का सहयोग
नशे के खिलाफ इस अभियान में पुलिस को स्थानीय समाज का भी सहयोग मिल रहा है। कई गांवों में पंचायतें जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं और युवाओं को नशे से दूर रहने की नसीहत दे रही हैं। ग्रामीण स्तर पर मिल रही इस मदद से पुलिस को नेटवर्क तोड़ने में आसानी हो रही है।
पुलिस की चेतावनी
जिला पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि नशे के धंधे से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह छोटा सप्लायर हो या बड़े स्तर का तस्कर, सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें नशे की किसी भी गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
👉 बाड़मेर में पुलिस की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में नशा तस्करों पर और भी बड़ा प्रहार हो सकता है। प्रशासन का फोकस अब केवल गिरफ्तारियों पर नहीं, बल्कि उनकी जड़ों और अवैध कमाई पर भी है, ताकि इस कारोबार को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
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